Facts about Sundar Pichai in Hindi

Top 10 things and facts about Google new CEO Sundar Pichai in Hindi:-

 

सुंदर पिचाई बारे में 10 खास बातें: 


भारत में जन्मे 43 वर्षीय सुंदर पिचाई दुनिया की सबसे बड़ी इंटरनेट कंपनी गूगल के सीईओ बन गए हैं। सुंदर पिचाई पिछले 11 साल से गूगल के साथ जुड़े हुए हैं। गूगल ने अल्फाबेट इंक के नाम से एक नई कंपनी बनाई है और अब वह इसी के तहत काम करेगा। गूगल के सह-संस्थापक लैरी पेज के ब्लॉग पोस्ट में नई पेरेंट कंपनी अल्फाबेट की स्थापना की घोषणा की गई और इसके सह-संस्थापक सेरजे ब्रिन इसके अध्यक्ष होंगे।

आइए आपको बताते हैं उनके बारे में 10 खास बातें:-


1. सुंदर पिचाई का जन्म 1972 में भारत के तमिलनाडु राज्य में हुआ। उनके पिता पेशे से इलेक्ट्रिकल इंजीनियर थे जो एक ब्रितानी कंपनी जीईसी में काम करते थे। सुंदर की माँ स्टेनोग्राफर थीं।

2. सुंदर पिचाई अपने स्कूल की हाई स्कूल क्रिकेट टीम के कप्तान थे। उनकी कप्तानी में टीम ने तमिलनाडु राज्य का क्षेत्रीय टूर्नामेंट जीता था।

3. स्कूली शिक्षा ख़त्म करने के बाद सुंदर पिचाई को आईआईटी खड़गपुर में दाखिला मिला जहाँ इन्होंने मेटालर्जी में इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की। अमेरिका के स्टैनफ़र्ड विश्विद्यालय से इंजीनियरिंग में एमएस करने के बाद सुंदर ने सबसे प्रतिष्ठित बिज़नेस स्कूलों में से एक व्हार्टन से एमबीए भी किया।

4. पढ़ाई पूरी करने के बाद पिचाई ने कन्सल्टिंग कंपनी मैकिन्ज़ी के प्रॉडक्ट मैनेजमेंट विभाग में कई सालों तक काम किया।

5. 2004 में सुंदर पिचाई ने सर्च इंजन कंपनी गूगल ज्वाइन कर ली और दुनिया भर में फैले कंपनी के ग्राहकों के इस्तेमाल के लिए बनाए जाने वाले नए प्रॉडक्ट्स की ज़िम्मेदारी संभाली।

6. सुंदर पिचाई ने जीमेल और गूगल मैप ऐप्स तैयार किए जो रातोंरात लोकप्रिय हो गए।

7. सुंदर पिचाई ने गूगल के सभी प्रॉडक्ट्स के लिए एंड्रॉयड ऐप भी इजाद किया। इसके बाद इनका पूरा ध्यान गूगल के ब्राउज़र क्रोम पर रहा।

8. सुंदर पिचाई रुबा इंक नामक अमरीकी कंपनी के सलाहकार बोर्ड में बतौर सदस्य मनोनीत किए गए थे।

9. सुंदर पिचाई की पत्नी का नाम अंजलि है और इनके एक बेटा और एक बेटी है।

10. सुंदर पिचाई की याददाश्त ज़बरदस्त बताई जाती है। कहा जाता है कि जब तमिलनाडु में इनके घर पर 1984 में पहली बार टेलीफ़ोन लगा था, तब सभी रिश्तेदार किसी दूसरे का नंबर भूल जाने पर सुंदर की याददाश्त का सहारा लेते थे।

गूगल ने क्यों Alphabet बनाई?


गूगल के को-फाउंडर लैरी पेज ने कहा, "हमारा मानना है कि टेक्नोलॉजी इंडस्ट्री में जब लगातार रिवोल्यूशनरी आइडियाज़ आते हैं, तो आपके लिए कामकाज का दायरा बढ़ाना जरूरी हो जाता है।" पेज का इशारा इस ओर था कि चूंकि कंपनी अब सर्च इंजन के अलावा बाकी कई चीजों में इन्वेस्ट कर रही है, इसलिए गूगल से अलग एक पेरेंट कंपनी बनानी जरूरी है, जो सभी तरह के ऑपरेशन्स पर फोकस कर सके। यही सोचकर Alphabet बनाई गई है।

Alphabet और लैरी पेज का अब क्या राेल होगा?

  • Alphabet अब पेरेंट कंपनी होगी। लैरी पेज इसके इसके सीईओ होंगे। सर्गेई ब्रिन इसके प्रेसिडेंट होंगे। Alphabet के तहत गूगल की ये कंपनियां काम करेंगी-
  • Alphabet के तहत सबसे बड़ी कंपनी गूगल सर्च इंजन ही होगी।
  • गूगल की रिसर्च यूनिट एक्स लैब अब Alphabet के तहत काम करेगी। गूगल एक्स लैब ही सेल्फ ड्राइविंग कार, गूगल ग्लास और इंटरनेट बैलून टेक्नोलाॅजी पर काम कर रही है।
  • इन्वेस्टमेंट यूनिट गूगल वेंचर्स भी Alphabet का हिस्सा होगा।
  • गूगल का हेल्थ एंड साइंस ऑपरेशन्स भी Alphabet के तहत काम करेगा। इसके तहत अब तक गूगल ग्लूकोज़ सेंसिंग कॉन्टैक्ट लेंस जैसी टेक्नोलॉजी पर काम कर रही थी।
  • गूगल ड्रोन डिलिवरी प्रोजेक्ट, फाइबर हाई स्पीड इंटरनेट, होम ऑटोमेशन यूनिट नेस्ट भी पेरेंट कंपनी के तहत आ जाएगी।
  • गूगल के सारे शेयर्स अपने आप Alphabet में कन्वर्ट हो जाएंगे।

गूगल के पास क्या बचेगा?


गूगल अब Alphabet की सब्सिडियरी कंपनी होगी। सर्च एंड सर्च एड्स, गूगल मैप्स, जीमेल, ऐप्स, यूट्यूब, एंड्रॉइड और बाकी टेक्निकल इन्फ्रास्ट्रक्चर अब गूगल के तहत काम करेेंगे।

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