डेंगू एक बुखार है जो मादा एडिज नाम के मच्छर से फैलता है। एडीस मच्छर तो सिर्फ डेंगू का वाहक होता है लेकिन असली काम डेंगू परजीवी करते हैं। जिनसे संक्रमित व्यक्ति की जान भी जा सकती है। यह मच्छर दिन में काटता है। साफ पानी में यह मच्छर पैदा होता है।

डेंगू एक संक्रमण बुखार है। डेंगु वायरस से होने वाली बीमारी है इसलिए इसके इलाज के लिए कोई दवा नहीं है। इस रोग में तेज बुखार के साथ शरीर पर चकत्ते बनने शुरू हो जाते हैं।
बचाव के उपाय:-
- पूरे बाजू के कपड़े पहनें।
- अपने घरों की छत पर पानी एकत्रित न होने दें।
- घर में बिना पानी के कूलर का इस्तेमाल करें या सप्ताह में एक बार पानी को जरूर बदल दें।
- यात्रा के दौरान डेंगू बुखार से बचने के लिए सावधानी बरतना बेहद जरूरी है।
- डेंगू से बचने के लिए ज़रूरी है मच्छरों से बचना जिनसे ‘डेंगू वायरस’ फैलता है। अपने घर, बच्चों के स्कूल और आफिस की साफ– सफाई पर नज़र रखें।
- रोजाना मच्छरदानी लगाकर सोएं
- मच्छर ना काटें इसके लिए क्रीम लगाकर रखें।
- घर में और घर के आसपास साफ-सफाई रखें क्योंकि गंदगी में डेंगू के मच्छरों के पनपने की आशंका बढ़ जाती है.
- कचरे के डिब्बे को हमेशा ढककर रखें।
- गलियों में पानी खड़ा रहता है तो उसमें थोड़ा मिट्टी का तेल या फिर काला तेल डाल दें। यह दस दिन के अंदर लगातार डालते रहे क्योंकि पूरा मच्छर बनने में दस दिन लग जाते हैं।
- डेंगू बुखार से बिलकुल भी घबराए नहीं।
- साधारण डेंगू पर ही उपचार कराए।
- जांच कराएं, उसके बाद दवाइयां लें जो पीजीआइ में फ्री में मिलती है।
- नमक चीनी का घोल, नारियल पानी, दही, लस्सी आदि तरल पदार्थ लें।
- तेलीय पदार्थ से बचें। उबली दाल और सब्जी का प्रयोग करें।
- यदि तेज बुखार है तो पैरासीटामॉल की गोली लें। यह गोली बुखार को उतारती है साथ ही शरीर के दर्द को भी कम करती है।