Comments
Home
» Kahaniyan-hindi-mein-bacchon-ke-liye
» ZZZ
» झाँसी की रानी लक्ष्मीबाई Jhansi ki Rani Laxmibai
झाँसी की रानी लक्ष्मीबाई Jhansi ki Rani Laxmibai
झाँसी की रानी लक्ष्मीबाई Jhansi ki Rani Laxmibai, Rani Lakshmi Bai queen of Jhansi, रानी लक्ष्मीबाई के नारे, रानी लक्ष्मीबाई का इतिहास निबंध, रानी लक्ष्मीबाई का परिचय, रानी लक्ष्मीबाई की मृत्यु कब हुई, about रानी लक्ष्मी बाई biodata, रानी लक्ष्मीबाई birthday birth place short biography, रानी लक्ष्मी बाई ke bare me, रानी लक्ष्मीबाई date of birth, रानी लक्ष्मी बाई death, रानी लक्ष्मी बाई short essay in hindi, रानी लक्ष्मीबाई history, रानी लक्ष्मी बाई in hindi, रानी लक्ष्मी बाई पर निबंध in hindi, रानी लक्ष्मी बाई jeevan parichay, रानी लक्ष्मी बाई जयंती, रानी लक्ष्मीबाई जीवनी, रानी लक्ष्मी बाई निबंध.
भारत के स्वतंत्रता संग्राम की नींव रखने वाली और केवल 30 वर्ष की आयु में देश के लिए अपना जीवन बलिदान कर देने वाली "महा वीरांगना" झाँसी की रानी लक्ष्मीबाई है। आइये हम सब मिलकर उन्हें नमन करें और जानें कुछ महत्त्वपूर्ण तथ्य एक वीर नारी के जीवन के बारे में:
भारत के स्वतंत्रता संग्राम की नींव रखने वाली और केवल 30 वर्ष की आयु में देश के लिए अपना जीवन बलिदान कर देने वाली "महा वीरांगना" झाँसी की रानी लक्ष्मीबाई है। आइये हम सब मिलकर उन्हें नमन करें और जानें कुछ महत्त्वपूर्ण तथ्य एक वीर नारी के जीवन के बारे में:
रानी लक्ष्मीबाई का जन्म 19 नवम्बर, 1828 को उत्तर प्रदेश के पवित्र नगर
काशी (वाराणसी) में हुआ। इनके पिता श्री मोरोपंत ताम्बे और माता श्रीमती
भागीरथीबाई ताम्बे थे, जो मूलतः महाराष्ट्र के थे। इनका जन्म के समय नाम
रखा गया "मणिकर्णिका" जो बाद में "मनु" हो गया। चार वर्ष की आयु में माता
के देहांत के बाद इनका लालन-पालन इनके नाना जी ने किया जो बिठूर जिले
में पेशवा थे। उन्होंने मनु के निर्भीक और शरारती स्वभाव को देख उन्हें
"छबीली" नाम दिया। मनु की शिक्षा दीक्षा घर पर ही हुई, जिसमें उन्होंने
पुस्तकीय अध्ययन के अतिरिक्त तलवारबाजी, घुड़सवारी और आत्म रक्षा के गुर भी
सीखे।
14 वर्ष की आयु में इनका विवाह झाँसी के राजा श्री गंगाधर राव नेवालकर के
साथ कर दिया गया और वे मनुबाई से लक्ष्मीबाई हो गयीं। 1851 में इन्होंने एक
पुत्र को जन्म दिया जिसका नाम दामोदर राव रखा गया परन्तु दुर्भाग्य से वह
पुत्र केवल चार माह की आयु में मृत्यु को प्राप्त हो गया। इसके पश्चात
इन्होंने राजा गंगाधर राव के चचेरे भाई के पुत्र आनंद राव को गोद ले लिया
और उसका नाम भी दामोदर राव ही रखा। नवम्बर, 1853 में राजा गंगाधर राव का भी
देहांत हो गया और वे झांसी की रानी बनी।
उसके बाद 1857 गाय की चर्बी वाले कारतूसों की खबर को लेकर मेरठ से ब्रिटिश सरकार के खिलाफ बगावत शुरू हुई तो इसी विद्रोह के चलते बिलकुल शांत झांसी पर अंग्रेजी फौज ने हफ रोज़ की अगुआई में कब्ज़ा कर लिया और यहाँ से रानी लक्ष्मीबाई की भी इस संग्राम में भूमिका प्रारम्भ हो गई। झांसी ने अपने आप को कमजोर अनुभव करते हुए तात्या टोपे से सहायता मांगी और तात्या टोपे ने 20000 सैनिकों के साथ झांसी को अंग्रेजों से बचाने में पूरी ताकत झोंक दी, लेकिन अंग्रेजों के सामने कुछ न किया जा सका। आखिर में रानी लक्ष्मी बाई ने किला छोड़कर तात्या टोपे के साथ शामिल होने का निर्णय लिया और झाँसी को छोड़ कर अपने कुछ सैनिकों के साथ काल्पी चली गयी। 22 मई, 1858 को अंग्रेजों ने काल्पी पर आक्रमण कर दिया और दुर्भाग्य से वहां भी रानी को हार का सामना करना पड़ा।
उसके बाद रानी लक्ष्मी बाई, तांत्या टोपे, बाँदा के नवाब और राव साहेब वहां से ग्वालियर चले गए और ग्वालियर के किले में रह कर मुकाबला करने की रणनीति बनाई। अंग्रेज 16 जून, 1858 को ग्वालियर पहुंचे और एक बार फिर उन्होंने भारतीय सेना पर सफल आक्रमण किया। इस बार रानी ने फिर बहादुरी से अंग्रेजी आक्रान्ताओं का सामना किया। 18 जून को ग्वालियर के फूल बाग़ के नजदीक कोटा सराय नाम की जगह पर हमलावरों से घिर चुकी रानी घोड़े से गिर गयी, लेकिन फिर भी अंग्रेजी सैनिकों का डट कर मुकाबला करती रही। अंत में बुरी तरह पस्त हो चुकी "महा वीरांगना" ने प्राण त्याग दिए।
Thanks for reading...
Tags: झाँसी की रानी लक्ष्मीबाई Jhansi ki Rani Laxmibai, Rani Lakshmi Bai queen of Jhansi, रानी लक्ष्मीबाई के नारे, रानी लक्ष्मीबाई का इतिहास निबंध, रानी लक्ष्मीबाई का परिचय, रानी लक्ष्मीबाई की मृत्यु कब हुई, about रानी लक्ष्मी बाई biodata, रानी लक्ष्मीबाई birthday birth place short biography, रानी लक्ष्मी बाई ke bare me, रानी लक्ष्मीबाई date of birth, रानी लक्ष्मी बाई death, रानी लक्ष्मी बाई short essay in hindi, रानी लक्ष्मीबाई history, रानी लक्ष्मी बाई in hindi, रानी लक्ष्मी बाई पर निबंध in hindi, रानी लक्ष्मी बाई jeevan parichay, रानी लक्ष्मी बाई जयंती, रानी लक्ष्मीबाई जीवनी, रानी लक्ष्मी बाई निबंध.
आपके लिए कुछ विशेष लेख
- इंडियन गांव लड़कियों के नंबर की लिस्ट - Ganv ki ladkiyon ke whatsapp mobile number
- सेक्सी वीडियो डाउनलोड कैसे करें - How to download sexy video
- लड़की महिला औरत को गर्म कैसे करें - Ladki ko garam karne ka tarika in hindi
- किन्नर के जननांग या गुप्तांग कैसे दिखते हैं - Kinner ke gupt ang kaise hote hai hindi jankari
- धमाकेदार हरयाणवी कॉमेडी वीडियो यहाँ पर देखिये - Haryanvi comedy videos
- किन्नर व्हाट्सप्प मोबाइल नंबर फोन चाहिए - Kinner whatsapp mobile phone number
- यूट्यूब पर मजेदार कोमेडी वीडियो का चैनल - indian comedy videos on youtube
- रण्डी का मोबाइल व्हाट्सअप्प कांटेक्ट नंबर - Randi ka mobile whatsapp number
- कार्टून बनाने के लिए वेबसाइट - cartoon banane ke liye website
- करकै घायल तड़फती छोड़ी - हरयाणवी रागनी Karke ghal tadapti chhodi - ragni
एक टिप्पणी भेजें
प्रिय दोस्त, आपने हमारा पोस्ट पढ़ा इसके लिए हम आपका धन्यवाद करते है. आपको हमारा यह पोस्ट कैसा लगा और आप क्या नया चाहते है इस बारे में कमेंट करके जरुर बताएं. कमेंट बॉक्स में अपने विचार लिखें और Publish बटन को दबाएँ.