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जानिए दिवार घड़ी हमारे जीवन पर साकारात्मक और नाकारात्मक प्रभाव कैसे डालती है - Diwar ghadi se jude rahasya
जानिए दिवार घड़ी हमारे जीवन पर साकारात्मक और नाकारात्मक प्रभाव कैसे डालती है - Diwar ghadi se jude rahasya - हर घर में छोटी या बड़ी दीवार घड़ी जरूर पाई जाती है। वैसे हम दीवार पर ये घड़ी अपनी सहूलियत के हिसाब से उस जगह पर लगाते हैं जहां से हम आसानी से समय देख सके लेकिन क्या आप ये जानते हैं कि वास्तु में घड़ी लगाने की भी शुभ और अशुभ दिशा होती है और ये हमारे जीवन पर साकारात्मक और नाकारात्मक प्रभाव भी डालती है।
ऐसा माना जाता है कि कभी किसी को घड़ी तोहफे में नहीं देनी चाहिए। भला क्यों? घड़ी की सुइयां हमें समय में बांधती हैं। और यदि यही समय हम किसी को तोहफे में दे रहे हैं तो हम उसे अपने अच्छे समय के साथ बुरा समय भी दे रहे हैं। यदि यह घड़ी उसके लिए अच्छा समय लाए तो हमें खुशी मिलेगी लेकिन यदि हमारी वजह से वह बुरा समय बिताए यह हमें कतई मंजूर नहीं होगा।
अब इस बात में कितनी सच्चाई है यह तो नहीं पता किन्तु यह तथ्य महज़ एक मान्यता है या फिर इसका वाकई असर होता है? खैर यह तो है कि घड़ी के संदर्भ में वास्तु शास्त्र और फेंग शुई विज्ञान बहुत कुछ कहता है। भारतीय शास्त्रों में जाने-माने वास्तु शास्त्र और चीनी वास्तु शास्त्र कहलाने वाले फेंग शुई विज्ञान के अनुसार हमारे घर में लगी घड़ियां बहुत कुछ कहती हैं। जिन घड़ियों को हम घर या ऑफिस में इस्तेमाल करते हैं उनका हमारे जीवन से एक खास सम्बन्ध होता है।
घर या ऑफिस में उपयोग होने वाली घड़ियां जैसे कि वाल क्लॉक, टेबल क्लॉक या फिर हैंगिंग क्लॉक। सभी को हमें किस तरह से उपयोग में लाना चाहिए तथा इन्हें किस दीवार पर लगाएं और कहां ना लगाएं, इसके खास निर्देश प्रदान किए गए हैं।
वास्तु शास्त्र की मानें तो घर की दक्षिणी दीवार पर कभी भी घड़ी नहीं लगाना चाहिए, लेकिन क्यों? वह इसलिए क्योंकि वास्तु के अनुसार घर की दक्षिण दिशा यम की दिशा है। और यम वह देवता हैं जो हमारे जीवन को खत्म करने का काम करते हैं।
इसके साथ ही ये दिशा ठहराव की है। फेंग शुई का मानना है कि इस दिशा में घड़ी को लगाना व्यक्ति के प्रगति के मार्ग में ठहराव लाने के बराबर है। यह घर में मौजूद सदस्यों के कॅरियर पर बुरा प्रभाव करता है।
वास्तु शास्त्र के अनुसार घर की दक्षिण दिशा घर के मुखिया के लिए होती है। यदि आप इस दिशा में बनाई हुई दीवार पर कुछ लगाना चाहते हैं तो अपने घर में मुखिया की तस्वीर लगा सकते हैं। ऐसा करना शुभ माना जाता है और इससे घर के मुखिया का स्वास्थ्य भी अच्छा रहता है।
फेंगशुई में भी दक्षिण दीवार पर घड़ी शुभ नहीं मानी जाती है। ऐसी मान्यता है कि घर की यह दिशा नकारात्मक ऊर्जा को उत्पन्न करती है। यदि इस दिशा में घड़ी लगाते हैं तो बार-बार ध्यान दक्षिण दिशा की ओर जाएगा, जिसके फलस्वरूप हम बार-बार नकारात्मक ऊर्जा को ग्रहण करते जाएंगे।
दक्षिण दिशा में बनी हुई दीवार के अलावा घर के दरवाजे पर भी घड़ी नहीं लगानी चाहिए। फेंगशुई विज्ञान के अनुसार घर के मुख्य द्वार या दरवाजे के ऊपर घड़ी लगाना अशुभ है। ऐसा करने से घर-परिवार में तनाव बढ़ता है। कहते हैं कि इससे घर से बाहर आते-जाते समय आसपास की ऊर्जा प्रभावित हो सकती है।
आप किस दिशा में घड़ी लगा रहे हैं या किस दीवार पर लगा रहे हैं यह तो ध्यान देने वाली बात अवश्य है, परन्तु कहीं आप गलत घड़ी का इस्तेमाल तो नहीं कर रहे। गलत घड़ी से मेरा यहां मतलब है खराब हो चुकी घड़ियां।
कई बार हमारे घर की दीवार पर लगी हुई घड़ी काफी दिनों से बंद पड़ी हुई होती है और हमें इसका अंदाज़ा भी नहीं होता। आज के गैजेट्स युग में यह सब होना आम है। क्योंकि आज की पीढ़ी को यदि टाइम देखना है तो वह अपनी कलाई पर बंधी घड़ी को देखना भी पसंद नहीं करते।
बल्कि अपना मोबाइल फोन ऑन करके उस पर समय देखते हैं। इसलिए बंद पड़ी हुई घड़ियों पर उनका ध्यान ना जाना व्यवहारिक सी बात है। वास्तु शास्त्र के अनुसार बंद पड़ी घडिय़ों को घर में रखने से सकारात्मक ऊर्जा का स्तर गिर जाता है।
तो ज़ाहिर सी बात है कि यह नकारात्मक ऊर्जा को आमंत्रित करती हैं। इसलिए आपको जल्द ही ऐसी घड़ियों में नई बैटरी लगाकर इन्हें चालू करना चाहिए या फिर जल्द से जल्द इन्हें दीवार से उतार देना चाहिए। इसके साथ ही घड़ी का समय बिल्कुल सटीक हो, यह भी ध्यान रखें। वास्तु शास्त्र के अनुसार समय से पीछे चलने वाली घड़ियों को भी अच्छा नहीं माना जाता है। इसलिए घड़ी के टाइम को हमेशा मिला कर रखना चाहिए। केवल दीवार पर लगी घड़ियां ही नहीं, बल्कि अन्य घड़ियां जैसे कि हाथ पर बांधने वाली घड़ियां भी यदि उपयोग नहीं हो रही और बेकार बंद पड़ी हैं तो उन्हें ठीक कराकर उपयोग में लाएं।
क्योंकि वास्तु शास्त्र के अनुसार ऐसा सामान जो घर में पड़ा है लेकिन काफी लंबे समय से इस्तेमाल नहीं किया जा रहा, तो वह भी नकारात्मक ऊर्जा को लाने का एक बड़ा कारण बनता है।घड़ी के बंद हो जाने जैसी परेशानी के अलावा एक बात और ध्यान में रखें कि गलती से भी घड़ी पर धूल ना जमे। अक्सर दीवार पर लगी घड़ियों पर एक-दो दिन बाद धूल जम ही जाती है। इन्हें निरंतर साफ करते रहें। घड़ियों के संदर्भ में वास्तु शास्त्र एक अच्छी राय यह देता है कि यदि आप घड़ियों से लाभ पाना चाहते हैं तो जितना संभव हो सके घर में मधुर ध्वनि उत्पन्न करने वाली घड़ियों को ही रखें। इसकी अच्छी आवाज़ से घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है।
घड़ी को गलत जगह पर लगाने के अलावा हम कई बार इन्हें अनचाही जगहों पर रखने की भी भूल कर बैठते हैं। इस पर विज्ञान के कुछ तर्क शामिल हैं। साइंस के अनुसार कभी भी घड़ी को तकिये के नीचे रखकर नहीं सोना चाहिए। यह आम पाया गया है कि लोग अपने हाथ में पहनी जाने वाली घड़ी को तकिये के नीचे रखकर सोते हैं। ऐसे में घड़ी की आवाज़ तो नींद में दखल देती ही है, साथ ही उससे निकलने वाली इलेक्ट्रो मैग्नेटिक तरंगें हमारे सिर एवं हृदय पर बुरा प्रभाव करती हैं।
आप सोच रहे होंगे कि घड़ी लगाने के लिए कौन सी दिशा सही है। तो वास्तु शास्त्र के अनुसार हमें घड़ी को घर की पूर्वी, पश्चिमी तथा उत्तरी दिशा में स्थित दीवार पर लगाना चाहिए। यह दिशाएं हमारे घर में सकारात्मक ऊर्जा लाने का काम करती हैं। इसके अलावा यदि आप घड़ियों से लाभ पाना चाहते हैं तो अपने घर की दीवार पर पेंडुलम वाली घड़ी लगाएं। ऐसी मान्यता है कि दीवार पर लगी पेंडुलम वाली घड़ी इंसान के जीवन के बुरे समय को दूर करने वाली होती है। इस प्रकार की घड़ी को घर के ड्राइंग रूम में लगाना चाहिए।
साथ ही घड़ी का सही आकार भी हमें विभिन्न फायदे देता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार गोल, चौकोर, अंडाकार या आठ या छः भुजाओं वाली घड़ी सकारात्मक प्रभाव को बढ़ाती है। तो घड़ी खरीदते समय आप आगे से आकार का जरूर ख्याल रखें।
दक्षिण में लगाई हुई घड़ी परिजनों की आयु और सौभाग्य के लिए अशुभ मानी जाती है, घड़ी का समय बिल्कुल सही या दो-तीन मिनट आगे रखना चाहिए, निर्धारित समय से पीछे रखने से जीवन में बाधाएं आती हैं ऐसा व्यक्ति परिश्रम का फल तथा प्रसन्नता प्राप्त करने में पीछे रहता है। वहीं, इससे दैनिक कार्यों में भी परेशानी हो सकती है।
ऐसा माना जाता है कि कभी किसी को घड़ी तोहफे में नहीं देनी चाहिए। भला क्यों? घड़ी की सुइयां हमें समय में बांधती हैं। और यदि यही समय हम किसी को तोहफे में दे रहे हैं तो हम उसे अपने अच्छे समय के साथ बुरा समय भी दे रहे हैं। यदि यह घड़ी उसके लिए अच्छा समय लाए तो हमें खुशी मिलेगी लेकिन यदि हमारी वजह से वह बुरा समय बिताए यह हमें कतई मंजूर नहीं होगा।
अब इस बात में कितनी सच्चाई है यह तो नहीं पता किन्तु यह तथ्य महज़ एक मान्यता है या फिर इसका वाकई असर होता है? खैर यह तो है कि घड़ी के संदर्भ में वास्तु शास्त्र और फेंग शुई विज्ञान बहुत कुछ कहता है। भारतीय शास्त्रों में जाने-माने वास्तु शास्त्र और चीनी वास्तु शास्त्र कहलाने वाले फेंग शुई विज्ञान के अनुसार हमारे घर में लगी घड़ियां बहुत कुछ कहती हैं। जिन घड़ियों को हम घर या ऑफिस में इस्तेमाल करते हैं उनका हमारे जीवन से एक खास सम्बन्ध होता है।
घर या ऑफिस में उपयोग होने वाली घड़ियां जैसे कि वाल क्लॉक, टेबल क्लॉक या फिर हैंगिंग क्लॉक। सभी को हमें किस तरह से उपयोग में लाना चाहिए तथा इन्हें किस दीवार पर लगाएं और कहां ना लगाएं, इसके खास निर्देश प्रदान किए गए हैं।
वास्तु शास्त्र की मानें तो घर की दक्षिणी दीवार पर कभी भी घड़ी नहीं लगाना चाहिए, लेकिन क्यों? वह इसलिए क्योंकि वास्तु के अनुसार घर की दक्षिण दिशा यम की दिशा है। और यम वह देवता हैं जो हमारे जीवन को खत्म करने का काम करते हैं।
इसके साथ ही ये दिशा ठहराव की है। फेंग शुई का मानना है कि इस दिशा में घड़ी को लगाना व्यक्ति के प्रगति के मार्ग में ठहराव लाने के बराबर है। यह घर में मौजूद सदस्यों के कॅरियर पर बुरा प्रभाव करता है।
वास्तु शास्त्र के अनुसार घर की दक्षिण दिशा घर के मुखिया के लिए होती है। यदि आप इस दिशा में बनाई हुई दीवार पर कुछ लगाना चाहते हैं तो अपने घर में मुखिया की तस्वीर लगा सकते हैं। ऐसा करना शुभ माना जाता है और इससे घर के मुखिया का स्वास्थ्य भी अच्छा रहता है।
फेंगशुई में भी दक्षिण दीवार पर घड़ी शुभ नहीं मानी जाती है। ऐसी मान्यता है कि घर की यह दिशा नकारात्मक ऊर्जा को उत्पन्न करती है। यदि इस दिशा में घड़ी लगाते हैं तो बार-बार ध्यान दक्षिण दिशा की ओर जाएगा, जिसके फलस्वरूप हम बार-बार नकारात्मक ऊर्जा को ग्रहण करते जाएंगे।
दक्षिण दिशा में बनी हुई दीवार के अलावा घर के दरवाजे पर भी घड़ी नहीं लगानी चाहिए। फेंगशुई विज्ञान के अनुसार घर के मुख्य द्वार या दरवाजे के ऊपर घड़ी लगाना अशुभ है। ऐसा करने से घर-परिवार में तनाव बढ़ता है। कहते हैं कि इससे घर से बाहर आते-जाते समय आसपास की ऊर्जा प्रभावित हो सकती है।
आप किस दिशा में घड़ी लगा रहे हैं या किस दीवार पर लगा रहे हैं यह तो ध्यान देने वाली बात अवश्य है, परन्तु कहीं आप गलत घड़ी का इस्तेमाल तो नहीं कर रहे। गलत घड़ी से मेरा यहां मतलब है खराब हो चुकी घड़ियां।
कई बार हमारे घर की दीवार पर लगी हुई घड़ी काफी दिनों से बंद पड़ी हुई होती है और हमें इसका अंदाज़ा भी नहीं होता। आज के गैजेट्स युग में यह सब होना आम है। क्योंकि आज की पीढ़ी को यदि टाइम देखना है तो वह अपनी कलाई पर बंधी घड़ी को देखना भी पसंद नहीं करते।
बल्कि अपना मोबाइल फोन ऑन करके उस पर समय देखते हैं। इसलिए बंद पड़ी हुई घड़ियों पर उनका ध्यान ना जाना व्यवहारिक सी बात है। वास्तु शास्त्र के अनुसार बंद पड़ी घडिय़ों को घर में रखने से सकारात्मक ऊर्जा का स्तर गिर जाता है।
तो ज़ाहिर सी बात है कि यह नकारात्मक ऊर्जा को आमंत्रित करती हैं। इसलिए आपको जल्द ही ऐसी घड़ियों में नई बैटरी लगाकर इन्हें चालू करना चाहिए या फिर जल्द से जल्द इन्हें दीवार से उतार देना चाहिए। इसके साथ ही घड़ी का समय बिल्कुल सटीक हो, यह भी ध्यान रखें। वास्तु शास्त्र के अनुसार समय से पीछे चलने वाली घड़ियों को भी अच्छा नहीं माना जाता है। इसलिए घड़ी के टाइम को हमेशा मिला कर रखना चाहिए। केवल दीवार पर लगी घड़ियां ही नहीं, बल्कि अन्य घड़ियां जैसे कि हाथ पर बांधने वाली घड़ियां भी यदि उपयोग नहीं हो रही और बेकार बंद पड़ी हैं तो उन्हें ठीक कराकर उपयोग में लाएं।
क्योंकि वास्तु शास्त्र के अनुसार ऐसा सामान जो घर में पड़ा है लेकिन काफी लंबे समय से इस्तेमाल नहीं किया जा रहा, तो वह भी नकारात्मक ऊर्जा को लाने का एक बड़ा कारण बनता है।घड़ी के बंद हो जाने जैसी परेशानी के अलावा एक बात और ध्यान में रखें कि गलती से भी घड़ी पर धूल ना जमे। अक्सर दीवार पर लगी घड़ियों पर एक-दो दिन बाद धूल जम ही जाती है। इन्हें निरंतर साफ करते रहें। घड़ियों के संदर्भ में वास्तु शास्त्र एक अच्छी राय यह देता है कि यदि आप घड़ियों से लाभ पाना चाहते हैं तो जितना संभव हो सके घर में मधुर ध्वनि उत्पन्न करने वाली घड़ियों को ही रखें। इसकी अच्छी आवाज़ से घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है।
घड़ी को गलत जगह पर लगाने के अलावा हम कई बार इन्हें अनचाही जगहों पर रखने की भी भूल कर बैठते हैं। इस पर विज्ञान के कुछ तर्क शामिल हैं। साइंस के अनुसार कभी भी घड़ी को तकिये के नीचे रखकर नहीं सोना चाहिए। यह आम पाया गया है कि लोग अपने हाथ में पहनी जाने वाली घड़ी को तकिये के नीचे रखकर सोते हैं। ऐसे में घड़ी की आवाज़ तो नींद में दखल देती ही है, साथ ही उससे निकलने वाली इलेक्ट्रो मैग्नेटिक तरंगें हमारे सिर एवं हृदय पर बुरा प्रभाव करती हैं।
आप सोच रहे होंगे कि घड़ी लगाने के लिए कौन सी दिशा सही है। तो वास्तु शास्त्र के अनुसार हमें घड़ी को घर की पूर्वी, पश्चिमी तथा उत्तरी दिशा में स्थित दीवार पर लगाना चाहिए। यह दिशाएं हमारे घर में सकारात्मक ऊर्जा लाने का काम करती हैं। इसके अलावा यदि आप घड़ियों से लाभ पाना चाहते हैं तो अपने घर की दीवार पर पेंडुलम वाली घड़ी लगाएं। ऐसी मान्यता है कि दीवार पर लगी पेंडुलम वाली घड़ी इंसान के जीवन के बुरे समय को दूर करने वाली होती है। इस प्रकार की घड़ी को घर के ड्राइंग रूम में लगाना चाहिए।
साथ ही घड़ी का सही आकार भी हमें विभिन्न फायदे देता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार गोल, चौकोर, अंडाकार या आठ या छः भुजाओं वाली घड़ी सकारात्मक प्रभाव को बढ़ाती है। तो घड़ी खरीदते समय आप आगे से आकार का जरूर ख्याल रखें।
दक्षिण में लगाई हुई घड़ी परिजनों की आयु और सौभाग्य के लिए अशुभ मानी जाती है, घड़ी का समय बिल्कुल सही या दो-तीन मिनट आगे रखना चाहिए, निर्धारित समय से पीछे रखने से जीवन में बाधाएं आती हैं ऐसा व्यक्ति परिश्रम का फल तथा प्रसन्नता प्राप्त करने में पीछे रहता है। वहीं, इससे दैनिक कार्यों में भी परेशानी हो सकती है।
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