Comments
केवल शिव का पूजन ही लिंग रूप में क्यों किया जाता है? Shivling ki hi puja kyo?
केवल शिव का पूजन ही लिंग रूप में क्यों किया जाता है? Shivling ki hi puja kyo? शिवलिंग का सच, शिवलिंग की वैज्ञानिकता, क्यों की जाती है शिव के लिंग रूप की पूजा? शिवलिंग का रहस्य क्या है?
आपने अभी तक बहुत मंदिर देखें होंगे लेकिन क्या आपने कभी शिव के अलावा किसी दुसरे देवता को लिंग रूप में पूजते हुए देखा है? नहीं ना। क्योंकि केवल शिव का पूजन ही लिंग रूप में क्यों किया जाता है। आखिर ऐसा क्यों है आइये जानकारी लेते है...
हिन्दू धर्म में मूर्ति पूजन की प्रथा काफी प्राचीन समय से चली आ रही है। सभी देवताओं को मूर्ति रूप में पूजा जाता है। लेकिन शिव ही एकमात्र ऐसे देवता हैं, जो लिंग यानी निराकार रूप में पूजे जाते हैं क्योंकि भगवान शिव ब्रह्मरूप होने के कारण निष्कल अर्थात निराकार कहे गए। रूपवान होने के कारण सकल कहलाए। ऐसी मान्यता है कि सृष्टी की उत्पति का दिन ही शिवरात्रि है।
इसीलिए उन्हें प्रथम पुरुष भी कहा जाता है। शिव ही वे देवता हैं जिन्होंने कभी कोई अवतार नहीं लिया। शिव कालों के काल है यानी साक्षात महाकाल हैं। वे जीवन और मृत्यु के चक्र से परे हैं इसीलिए समस्त देवताओं में एकमात्र वे परब्रम्ह है इसलिए केवल वे ही निराकार लिंग के रूप में पूजे जाते हैं।
इस रूप में समस्त ब्रम्हाण्ड का पूजन हो जाता है क्योंकि वे ही समस्त जगत के मूल कारण है। शिव का पूजन लिगं रूप में ही ज्यादा फलदायक माना गया है। शिव का मूर्तिपूजन भी श्रेष्ठ है किंतु लिंग पूजन सर्वश्रेष्ठ है।
Thanks for reading...
Tags: केवल शिव का पूजन ही लिंग रूप में क्यों किया जाता है? Shivling ki hi puja kyo? शिवलिंग का सच, शिवलिंग की वैज्ञानिकता, क्यों की जाती है शिव के लिंग रूप की पूजा? शिवलिंग का रहस्य क्या है?
आपने अभी तक बहुत मंदिर देखें होंगे लेकिन क्या आपने कभी शिव के अलावा किसी दुसरे देवता को लिंग रूप में पूजते हुए देखा है? नहीं ना। क्योंकि केवल शिव का पूजन ही लिंग रूप में क्यों किया जाता है। आखिर ऐसा क्यों है आइये जानकारी लेते है...

हिन्दू धर्म में मूर्ति पूजन की प्रथा काफी प्राचीन समय से चली आ रही है। सभी देवताओं को मूर्ति रूप में पूजा जाता है। लेकिन शिव ही एकमात्र ऐसे देवता हैं, जो लिंग यानी निराकार रूप में पूजे जाते हैं क्योंकि भगवान शिव ब्रह्मरूप होने के कारण निष्कल अर्थात निराकार कहे गए। रूपवान होने के कारण सकल कहलाए। ऐसी मान्यता है कि सृष्टी की उत्पति का दिन ही शिवरात्रि है।
इसीलिए उन्हें प्रथम पुरुष भी कहा जाता है। शिव ही वे देवता हैं जिन्होंने कभी कोई अवतार नहीं लिया। शिव कालों के काल है यानी साक्षात महाकाल हैं। वे जीवन और मृत्यु के चक्र से परे हैं इसीलिए समस्त देवताओं में एकमात्र वे परब्रम्ह है इसलिए केवल वे ही निराकार लिंग के रूप में पूजे जाते हैं।
इस रूप में समस्त ब्रम्हाण्ड का पूजन हो जाता है क्योंकि वे ही समस्त जगत के मूल कारण है। शिव का पूजन लिगं रूप में ही ज्यादा फलदायक माना गया है। शिव का मूर्तिपूजन भी श्रेष्ठ है किंतु लिंग पूजन सर्वश्रेष्ठ है।
Thanks for reading...
Tags: केवल शिव का पूजन ही लिंग रूप में क्यों किया जाता है? Shivling ki hi puja kyo? शिवलिंग का सच, शिवलिंग की वैज्ञानिकता, क्यों की जाती है शिव के लिंग रूप की पूजा? शिवलिंग का रहस्य क्या है?
आपके लिए कुछ विशेष लेख
- इंडियन गांव लड़कियों के नंबर की लिस्ट - Ganv ki ladkiyon ke whatsapp mobile number
- सेक्सी वीडियो डाउनलोड कैसे करें - How to download sexy video
- लड़की महिला औरत को गर्म कैसे करें - Ladki ko garam karne ka tarika in hindi
- किन्नर के जननांग या गुप्तांग कैसे दिखते हैं - Kinner ke gupt ang kaise hote hai hindi jankari
- धमाकेदार हरयाणवी कॉमेडी वीडियो यहाँ पर देखिये - Haryanvi comedy videos
- किन्नर व्हाट्सप्प मोबाइल नंबर फोन चाहिए - Kinner whatsapp mobile phone number
- यूट्यूब पर मजेदार कोमेडी वीडियो का चैनल - indian comedy videos on youtube
- रण्डी का मोबाइल व्हाट्सअप्प कांटेक्ट नंबर - Randi ka mobile whatsapp number
- करकै घायल तड़फती छोड़ी - हरयाणवी रागनी Karke ghal tadapti chhodi - ragni
- भारतीय हीरोइन के नाम की सूची - List of names of Bollywood actresses
एक टिप्पणी भेजें
प्रिय दोस्त, आपने हमारा पोस्ट पढ़ा इसके लिए हम आपका धन्यवाद करते है. आपको हमारा यह पोस्ट कैसा लगा और आप क्या नया चाहते है इस बारे में कमेंट करके जरुर बताएं. कमेंट बॉक्स में अपने विचार लिखें और Publish बटन को दबाएँ.